JazBaAt…..

where heart rules over mind……

मुझसे न होगा April 12, 2007

Filed under: Uncategorized — vasudhesh @ 11:06 am

मुझसे   न  होगा   अब्   तुझको भुला पाना….

अपने दिल् पर् लिखे तेरे नाम् को मिटा पाना

तू सोचती है तो कर् के देख् ले येह् कोशिश्

तेरे दिल् पर् लिखा है मेरा नाम् और् भी गहरा….

मुझसे न होगा अब् यू अश्क़् बहाना…

तेरी याद् मै रो रो के खुद् को भुला पाना

तू कर् सकती है तो रोक् ले अपने आन्सू

तेरी आन्खू मेइन् बसते है मेरी ही येह् आन्सू…

मुझसे ना होगा अब् जीना यू तनहा

तू कही और् मैन् यहान् तेरे बिना

तू कर् सकती है तो रह् ले उस् पार् अकेले

तेरी बस्ती के हर् एक् घर् मेइन् बसती हैं मेरी यादें….

मुझसे ना होगा अब् तुम् बिन् अकेले चल् पाना

दो कदम् भी कहि चले थै हम् तेरे बगैर्

तू कर् सकती है तो जा आज़मा ले मुझ् को

हर् राह् पर् मिलेंगे पेहले से ही मेरे कदमो के निशान् मौज़ूद्…

 

लकीर् April 5, 2007

Filed under: Uncategorized — vasudhesh @ 10:33 am

कभी   समतल्   इसी   द्हरातल्    पर्

कभी गेहरी सन्करी मिली येही कही पर्

येही इक् लकीर् बाट्ती इस् ज़मीन् को

वही इक् दिखाती किनारा किसी को

लाल् इक् लकीर् किसी को सुहागिन् बनाती

कही   दूर्    आसमा   ज़मीन्   को   मिलाती

अक्सर्   दर्मियान्   दूरियान्   है    बढाती

सहारो कि गुन्जाइश् गिराती मिटाती

 

Intezaar!!! January 15, 2007

Filed under: Uncategorized — vasudhesh @ 9:18 am

आहिस्ता आहिस्ता से गुज़रता है वक़्त

बन्द मुठ्ठी की रेत सा फ़िसल्ता है पल

करता ये बेबस मन एक ही इन्तेज़ार

काश कट जाये ये वक़्त गुज़र जाये पल

हर चेहरे पे दिखति है बढती हुई शिकन

मायूसी हताशा कि कैसी अन्त हीन सुरन्ग

सबको है बेबसी से अपनी मन्ज़िल की तलाश

काश कहीं से आ जाये एक रोश्नी सी उमन्ग